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 Dominant Male

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 Hetero

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 10/05/11

 05/30/20

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मुझको ऐसे गुलाम पसन्द हैं जो मुर्गा बनकर मार खाना पसन्द करते हो। मर्द या औरत कोई भी मेरा मुर्गा गुलाम बन सकता है। मैं अपने गुलामों को सख्त रूप से मुर्गा तो बनाऊंआ ही साथ ही मैं बीडीएसएम की पूरी डोज दूंगा।
मुर्गा पनीशमेंट से पति की गुलामी का सफर
शादी के बाद पति के लायक बनने के लिए शिखा अपनी पढ़ाई को दोबारा शुरू करती है तो पहले कुछ दिनों में ही उसका ये हाल होता है कि उसे लगने लगता है कि फिर से वो स्कूल में उन दिनों में लौट चुकी है जब वह दूसरों को पिटते हुए और सजा पाते हुए देखती थी लेकिन इस उम्र में आने के बाद अब उसको एक स्टूडेंट के रूप में उन सभी सजायों को पूरा करना पड़ रहा था। वह मुर्गा बनना नहीं चाहती थी लेकिन 2 से 3 घंटे के ट्यूशन में काफी समय उसे मुर्गा बनना ही पड़ रहा था। मोनिका एवं मीनाक्षी सक्सेना के सामने उसकी हबा खराब रहने लगी थी।
एक सप्ताह के बाद सनडे भी आ गया। उसे लगा कि कम से कम आज तो रेस्ट मिलेगा। सुबह वो घर पर ही थी तथा सुहास अभी सो ही रहे थे। अपने घर के बाहर शिखा सफाई में लगी थी। इस सफाई के दौरान धूल उड़कर सुहास की स्पोटर्स बाइक पर चिपक गयी। उसने इस ओर ध्यान नहीं दिया। नाश्ता करने के बाद जब सुहास बाहर आये तो स्पोटर्स बाइक पर धूल देखकर उसका पारा पढ़ गया। उसने आवाज लगायी शिखा यह क्या किया तुमने। पति के सुर में गुस्सा देखकर शिखा डर गयी। जी क्या हुआ। ये ऐसे सफाई होती है। लगता है कि तुम पूरी डफर ही हो। अचानक से सुहास ने उसका कान उमेठ कर उसे अपनी ओर खिचंते हुए कहा। नीले चूड़ीदार सूट को पहने शिखा यूं तो बहुत ही खूबसूरत लग रही थी ऊपर से नीले सूट में उसकी सफेद ब्रा में कसा उसका यौबन किसी को भी दीवाना बनाने के लिए काफी था, लेकिन सुहास आज कुछ अलग ही मूड़ में था वो चाहता था कि अपनी खूबसूरत बीबी को अपने इशारों पर नचाकर रखे। इसलिए उसने अपनी बीबी के कयामत ढहाते हुश्न की गर्मी में पिछलने की जगह उसको अपनी दासी बनाने की ओर फोकस किया तथा नकली गुस्सा दिखाते हुए उसकी ओर ध्यान नहीं दिया और उसे डांटते हुए कहा कि तुमको जरा भी अकल नहीं है। प्लीज मुझे माफ कर दो। शिखा गिडगिड़ायी। नहीं तुमको सजा मिलनी जरूरी है। उसके कानों को गोल गोल करके घुमाते हुए सुहास ने कहा चलो तुम यही खुले में मुर्गा बनोगी। पति की नाराजगी से बचने के लिए शिखा मुर्गी बनकर बैठ गयी। सुहास ने उसके चुतड़ों के नीचे से उसके पिछबाड़े की दरार पर अपने जूते की ठोकर लगाकर उन्हें ऊपर उठाने का इशारा करते हुए कहा कि मुर्गा बनाया है तुमको मुर्गी नहीं। ये तुमको सही से काम न करने की सजा है। इसके बाद जूते की ठोकर से उसे बाहर लाॅन में चलने का इशारा करते हुए उसको मुर्गा बनाकर खुद लाॅन में बैठकर सुहास न्यूजपेपर पढ़ने लगे। सुहास को अपनी पत्नी मुर्गा बने हुए और भी हसीन लग रही थी। सुहास ने शिखा को अपनी कुर्सी के सामने बुलाया तथा मुर्गा बनी अपनी बीबी की कमर पर अपने पैरों को उठाकर रख दिया ओर अखबार पढ़ने में बिजी हो गये। कमर पर पति के रखे पैरों को संभालने में शिखा को खुद को खासा बैलेंस करना पड़ रहा था। अचानक सुहास ने अपने पैर हटाये ओर अंदर चले गये। अब लाॅन में शिखा अकेली मुर्गा बनी हुई थी। कुछ ही देर में सुहास बाहर आये तो उनके हाथ में काफी का मग था तथा एक चाकू था। सुहास ने शिखा को उठने को कहा तो उसे लगा कि अब राहत मिल गयी लेकिन सुहास ने कहा कि ये चाकू लो और सामने के पेड़ से अपनी पिटाई के लिए तीन डंडी को काटकर लाओ। शिखा सिर झुकाये सामने गयी तथा लाॅन में लगे शहतूत के पेड़ से तीन डंडियों को चाकू की मदद से काटकर ले आयी। डंडियों की लचक को देखने के बाद सुहास ने शिखा को मुर्गा बनने का इशारा किया तथा उसके चूतड़ों पर काफी का मग रख दिया ओर खुद न्यूजपेपर में बिजी हो गया। शिखा को अपने चूतड़ों पर गरम काफी का एहसास हुआ तो वो समझ गयी कि अब उसको खुद को ज्यादा बैलेंस रखना होगा। 20 मिनट तक सुहास उसकी पीठ पर रखी काॅफी को घूंट ले लेकर पीते रहे। इतने में ही सामने से एक कार तेजी से उनके घर में एंटर हुई। शिखा या सुहास कुछ समझ पाते कि कार से शिखा की छोटी बहन अनुप्रिया उतर गयी। ये क्या दीदी। जीजाजी ने तो आपको मुर्गा बना दिया। अचानक बहन के आने से शिखा हड़बड़ा कर उठ गयी। उसकी पीठ पर रखी काफी का मग चीने जा गिरा। उसके चूतड़ों पर भी काफी गिर चुकी थी। अचानक सुहास ने कहा तुमको उठने को बोला था क्या मैंने। सारी काफी खराब कर दी। अब तुमको और भी ज्यादा सख्त सजा पूरी करनी होगी। चलो तुम फिलहाल अपनी सजा पूरी करो। अपनी साली की खातिरदारी मैं खुद कर लूंगा। जीजाजी ये सब क्या है अनुप्रिया ने पूछा तो उसने कहा कि तुम्हारी दीदी की ट्रेनिंग चल रही अच्छी बीबी बनने की। शिखा की ओर देखकर कहा तुमको समझ मे नहीं आता क्या। चलो मुर्गा बनो। भीगी बिल्ली की तरह अपुप्रिया को देखकर शर्म से पानी हुई शिखा फिर से मुर्गा बन गयी। छोटी बहन के सामने मुर्गा बनना उसके लिए लिए बहुत ही शर्म की बात थी, क्योंकि अब उसकी पोल जो खुल चुकी थी। अनुप्रिया ने कहा जीजाजी आप बिलकुल ठीक कर रहो हो। इनका दिमाग आप ही ठिकाने पर रख सकते हो।
घर पर तो बहुत शेर बनती थी। जीजाजी हमें घर में नहीं घुमायोगे आप, अनुप्रिया ने कहा। सुहास अभी शिखा के साथ नरमी के मूड़ में नहीं था। सुहास ने अब लाॅन में रखे गोल पत्थर को उठाकर अपनी नाजुक सी बीबी की पीठ पर रख दिया और बोला कि 30 मिनट तक तुम यूं ही मुर्गा बनोगी। इसके बाद बोला काफी से तुम सन गयी चलो साफ कर दूं। उसने पानी का पाइप पकड़ा और मुर्गा बनी बीबी पर पानी की बौछार कर दी। बला की हसीन शिखा का बदन पूरी तरह से भीगा तो बदन से चिपके नीले सूट में कसी सफेद ब्रा में कयामत लग रही थी। सुहास का मूड़ भी बन रहा था लेकिन फिलहाल अभी बो शिखा को सताने के मूड़ में था। पानी की बौछार से शिखा हिली तो चूतड़ों पर रखा पत्थर नीचे गिर गया। अब सुहास ने शहतूत की लचकदार डंडी को उठाया ओर सांय से शिखा के चूतड़ों पर बार कर दिया। शहतूत की कमची की चोट से हिली शिखा उछल कर खड़ी हो गयी। सुहास ने फिर से उसे मुर्गा बनने का इशारा किया। इसके बाद अपनी पोजीशन तेजी से बदलते हुए दोनों चूतड़ों के साथ कमर पर कर दिये। पांचवा प्रहार तो कमर से होते हुए उसकी छातियों तक चला गया था। अब शिखा की आंखों से आंसू भी टपक रहे थे। शिखा को भीगे कांपते बदन में फिर से मुर्गा बनाकर उसकी पीठ पर पत्थर रखने के बाद सुहास बोला जब तक मैं अपुप्रिया को घर में घुमाकर नहीं लाता हूं यूं ही रहना नहीं तो खाल खींचने के लिए तुमने मुझे तीन डंडिया लाकर दी है। इनके टूटने तक में मार लगाता रहूंगा। भीगे बदन से सूट के चिपकने के चलते सुहास द्वारा चूतड़ों एवं कमर पर शहतूत की डंडी से की गयी कलाकारी साफ झलक रही थी। गोरे बदन पर लाल लकीरें सब कुछ कह रही थी। शिखा समझ नहीं पा रही थी कि वो क्या करे। एक ओर वो पति को खुश करने के लिए बहुत कुछ झेल रही थी। वहीं उसकी अपनी बहन भी उसके पति की साइड ले चुकी थी। कहां तो वो फनडे को एन्जाॅय करने का प्लान बनाये हुए थी वहीं दूसरी ओर उसको सबसे ज्यादा परेशानी भी आज ही हो रही थी। मुर्गा बने बने शिखा यादों में खो गयी। शिखा गजब की सुंदर थी। उसकी उम्र 25 की थी। उसका फिगर भी गजब का था। 5 फिट 9 इंच की हाइट के साथ उसका बदन बेहद कसा हुआ था। हुश्न की मल्लिका होने के बाद भी उसमें एक कमी थी। वो चाहकर भी 10 वीं का एग्जाम पास नहीं कर पायी। ड्रांइग की शौकीन शिखा को कभी मैथ और इंग्लिश समझ में ही नहीं आये। फिर भी उसे अपने सपनों के राजकुमार का इंतजार था। उसके पिता गांव के जमींदार थे। अपने जुगाड़ से उन्होंने शिखा के लिए जिस लड़के को पसन्द किया वो एक ए क्लास का आफिसर था। शिखा देखने में खुबसूरत तो थी ही, पहली नजर में ही कोई उसका दीवाना हो सकता था। जब लड़के बाले उसे देखने आये तो वो शर्म से लाल हो रही थी। 32 वर्ष के सुहास उसे पहली नजर में ही पसन्द आ गया था। सुहास को भी शिखा पहली नजर में भा गयी। उसके पिता इतना दहेज दे रहे थे कि शिखा की योग्यता को लेकर कुछ पूछने का नम्बर ही आया। चट मंगनी पट ब्याह के अंदाज में शिखा दुल्हन बनकर सुहास के घर पहुंच गयी। सुहागरात पर साहित्य के शौकीन सुहास के सामने शिखा की योग्यता की बात खुली तो वो हैरान रह गये। इतना बड़ा सच छिपाया तुमने और तुम्हारे घर वालों ने मुझसे। सुहास का चेहरा गुस्से में खिंचा हुआ था। सोसायटी में मेरी इज्जत है। लोग क्या कहेंगे। अपने होने वाले पति को नाराज देखकर शिखा उसके कदमों में बैठ गयी और बोली कि प्लीज आप नाराज न हो। मैं भले ही ज्यादा पढ़ न पायी हूं तो क्या हुआ। आपके साथ सब सिख जाऊंगी। पति का मूड़ बनाने के लिए शिखा ने कहा कि आप ही मेरे टीचर बनकर मुझे स्मार्ट बना सकते हो। सुहास बैसे शिखा के रूप सौंदर्य पर रिझा हुआ था। लेकिन फिर भी अपना दबदबा कायम रखने को गुस्सा दिखाते हुए कहा तुमको इस धोखे और न पढ़ने की कुछ सजा जरूर मिलेगी। आप जो सजा दोगे मुझको मंजूर होगी। चलो कान पकड़कर 10 उठक बैठक लगाओ। सुहास ने कहा। दुल्हन के लिबास में शिखा ने कान पकड़कर 10 उठक बैठक लगायी। दुल्हन के गेटअप में भारी लहंगे के साथ उठते बैठते शिखा के उछलते यौबन को देखकर सुहास दीवाना सा होने लगा। ऐसा करो तुम मुर्गा बन जाओ। शिखा कन्फ्यूज थी। वो कभी मुर्गा नहीं बनी थी लेकिन स्कूल में लड़कों को उसने मुर्गा बनते देखा था। वो सुहास को नाराज नहीं करना चाहती थी। वो मुर्गा बन गयी। हां सुनो जब भी तुम अपने पिछबाड़े को नीचा करोगी तो उठकर अपना एक कपड़ा उतारोगी और फिर मुर्गा बनोगी। सुहास ने कहा। शिखा 2 मिनट में ही थक गयी। उसकी टांगे कांपने लगी। वो उठी ओर उसने अपनी चोली को ढीला करके एक ओर रख दिया। फिर दूसरे झटके में उसने ब्रा उतारी। ब्रा खुलते ही उसके कबूतर उछलकर सुहास को दीवाना बना गये। सुहास को सताने के लिए उसने लहंगा नहीं उतारा। पांच मिनट में वो थक गयी। टांगों को कांपता देख सुहास मजा ले रहा था। मुर्गा बनी अपनी सुंदर बीबी के पेट ओर कमर पर उसकी उगंलियां चल रही थीं। लंहगे के ऊपर से पिछबाड़े को सहलाते हुए सुहास ने कहा डियर लगता है कि तुम जल्दी ही स्मार्ट बन जाओगी। अगले कुछ मिनटों में लंहगा दूर पड़ा था पेंटी में कसे चूतड़ों से दीवाना हुआ सुहास अपनी जीभ को मुर्गा बनी अपनी बीबी के बदन पर थिरका रहा था। कुछ पलों के बाद दोनों एक जिस्म दो जान हो चुके थे। रात की मस्ती सुबह तक जारी रही। शिखा बहुत खुश थी। सुबह होने के साथ ही सुहास अपने दोस्तों के साथ बाहर चले गये। दोस्तों के साथ सुहास को इंग्लिश स्पीकिंग करते देख शिखा को लगा कि उसे बहुत मेहनत करनी होगी। हनीमून से आने के बाद सुहास ने कहा कि मैं तुम्हारे लिए ट्यूटर का इंतजाम करता हूं। इंग्लिश बहुत जरूरी है। शिखा पति की खातिर सीखने को रेडी थी। दोपहर में फ्लैट पर शिखा अकेली थी। पति सुहास दफ्तर में थे। अचानक पति का काॅल आया। सुहास बोले जान तुम्हारे लिए एक ट्यूटर हाॅयर की है मैंने। बो गेट के बाहर है। उसके अंदर बुला लो। शिखा ने डोर खेला तो सामने उससे उम्र में छोटी 18 साल की पतली सी लड़की जिसकी हाइट मुश्किल से 5 फीट रही होगी। सामने खड़ी थी। शिखा ने हैलो किया तो लड़की ने कहा आई एम मिस मोनिका। अंदर सोफे पर मानिका टांग पर टांग रखकर बैठ गयी। ओके शिखा सुहास सर ने मुझे सब बता दिया है। मैं जल्द ही आपको सब सिखा दूंगी लेकिन ध्यान रहे मेहनत में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। मोनिका के स्वभाव में एक टीचर जैसी सख्ती थी। शिखा ने सिर हां में हिलाया। यस मिस बोलने की आदत डाल लो। मैं अपने स्टूडेंट से कभी फ्रेंडशिप नहीं रखती। उसको अजीब तो लगा लेकिन वो चुप रही। पहले दिन मोनिका ने उसका जनरल टेस्ट लिया। शिखा टेस्ट में बुरी तरह से फेल थी। मोनिका ने सुहास को फोन लगाकर सारी कंडीशन बतायी। इसके बाद सुहास ने शिखा से कहा कि एक टीचर की तरह मोनिका तुमको ट्रीट करेगी। शिखा तुम्हारी इंग्लिश बहुत पुअर है। इसलिए तुमको ज्यादा मेहनत करनी होगी। मुझसे रियायत की उम्मीद मत करना। बस मेहनत करती रहना। कामचोरी मुझको पसन्द नहीं है। अगर मुझे कोई भी शिकायत मिली तो सजा बहुत सख्त होगी। ध्यान रखना। मोनिका ने शिखा को एक घंटे तक इंग्लिश की बेसिक जानकारी दी। उसके बाद ढेर सा होमवर्क दिया। शिखा को टीचर पसन्द तो नहीं आयी लेकिन पति का मान रखना था सो वो कुछ नहीं बोली। जी मिस मैं आपको शिकायत का कोई मौका नहीं दूंगी। दोपहर में दो घंटे इंग्लिश की क्लास खत्म हुई थी। वो कुछ रिलेक्स के मूड में थी तभी फिर से घंटी बज गयी। उसने डोर खोला तो सामने 38 साल की एक महिला सामने खड़ी थी। हेलो मैं मीनाक्षी सक्सेना हंू। मुझे सुहास ने भेजा है। तुम शिखा हो। मैं तुमको मैथ पढ़ाऊंगी। जी मैम। शिखा ने सिर हिलाया। एक दफा फिर से शिखा पढ़ने के लिए बैठ गयी। 15 मिनट के बाद नार्मल प्लस माइनस के सबाल गलत साल्व करने पर मीनाक्षी का पारा चढ़ गया। उसने तड़ाक से एक चपत शिखा के गाल पर दे मारा ओर उसके कानों को उमेठ दिया। शादी हो गयी लेकिन जोड़ना घटाना नहीं जानती। शिखा इस हमले से सकपका गयी। उसके दोनों कानों को उमेठ कर मीनाक्षी ने उनको घुमाना शुरू कर दिया। जी मैम प्लीज माफ कर दो। किसी स्कूली बच्ची की तरह शिखा गिडगिड़ा रही थी। चल तुझको मुर्गा बनाती हूं। कान पकड़कर दरबाजे के पास ले जाकर शिखा को मीनाक्षी ने मुर्गा बनने का हुकुम दिया। साड़ी पहने हुई शिखा ने अपनी साड़ी को खिसकाया और दोनों टांगों से हाथ निकालकर कानों को पकड़ लिया। चूतड़ ऊपर। 10 मिनट में ही शिखा की टांगे कांपने लगी।
मीनाक्षी ने इधर उधर देखा। वो बाथरूम में गयी वहां कपडे़ धोने की थपकी थी। लकड़ी की थपकी को लाकर उसने एक दो बार उसे शिखा के चूतड़ों पर थपथपाया। फिर जोर से प्रहार कर दिया। फटाक की आवाज के साथ शिखा उठकर खड़ी हो गयी। उठी क्यों मुर्गा बन। मैं गिनकर पूरे दस मारूंगी। तेरी पहली सजा के लिए यह काफी रहेगा। एक के बाद एक दस प्रहार चूतड़ों पर खाने के बाद शिखा को मुर्गा बनने से मुक्ति मिली। जब सुहास घर आये तो उसकी मैथ की क्लास ओवर हो चुकी थी। मीनाक्षी ने बताया तो सुहास ने कहा कि आप इसको इस लायक कर दो कि ये हाईस्कूल इंटर जरूर पास कर ले। मीनाक्षी ने कहा कि ये कर लेगी आप चिंता मत करो। रात को सुहास से शिखा ने कहा कि दोनों ही टीचर उसे कुछ खास नहीं लगी। बैड पर शिखा के चूतड़ों पर हाथ रखते ही सुहास समझ चुका था कि शिखा को पनिशमेंट की पहली डोल मिल चुकी है। शिखा अपने प्यार में ऐसा खोयी कि होमवर्क करना भूल गयी। टाॅप जींस पहली शिखा दोपहर एक बजे जैसे ही मोनिका आयी तो उसे ध्यान आया कि होमवर्क तो किया ही नहीं। मोनिका को काॅफी सर्ब करने के साथ वो नोटबुक लेकर आयी। होमवर्क न देख मोनिका का पारा चढ़ गया। लगता है तुमको सबक सिखाना ही होगा। वीडियो कालिग करके उसने सुहास को सब बता दिया। इसे ऐसा सबक सिखाओ कि ये पढ़ाई से जी न चुराये। मैं देखता रहूंगा तुम जो चाहो इसे सजा दो। वीडियो कालिंग के जरिये अपने नयी नवेली बीबी को मिलने वाली सजा लाईब देखने जा था। मोनिका ने कहा कि चलो मुर्गा बन जाओ। अपने से छोटी उम्र की मोनिका के हुकुम पर शिखा मुर्गा बन गयी। अब उसकी पीठ पर एक कुर्सी रखकर उसे ओपन एरिये में चलने को कहा। शिखा कुछ देर बाद सूरज की तेज धूप में मुर्गा बनी थी। उसकी पीठ पर चेयर रखी हुई थी। जिस पर उसकी नोटबुक थी। 5 मिनट में ही उसका टाॅप ओर जींस पसीने से भीग चुकी थी। उसे पता था कि सुहास सब देख रहे हैं। वो अपने पति को नाराज नहीं करना चाहती थी। इसलिए चुपचाप मुर्गा बनी हुई थी। उसकी सजा को टफ करने के लिए मोनिका ने उसकी कमर पर रखी कुर्सी पर 2 ईंट रख दी। 30 मिनट तक धूप में अपनी पीठ पर कुर्सी ओर उसमें दो ईंटों के वजन को मैनेज करके कांपती टांगों से शिखा मुर्गा बनी हुई थी। इसके बाद डेढ़ घंटा पढ़ाने के बाद मोनिका चली गयी। शिखा उस समय पक्के तौर पर यह समझ गयी कि उसकी रोज दुर्गत बनना तय है। जब उसने मीनाक्षी सक्सेना के हाथ में एक काले रूल को देखा। मीनाक्षी ने होमवर्क न करने पर उसकी दोनों हथेलियों पर गिनकर 20 डंडे मारे। 25 मिनट की मुर्गा परेड़ ने तो उसे तोड़कर रख दिया। उसके चूतड़ सुलग रहे थे क्योंकि 25 मिनट की मुर्गा परेड में उसे 50 से भी ज्यादा डंडे अपने चूतड़ों पर खाने पड़े थे। अब उसे लग रहा था कि वो टीचरों की मार को बहुत मान रही थी। उसका पति जरूर उसे एक दिन गुलाम बनाकर ही दम लेगा।

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